नारे, प्रतिरोध और मज़ा-मज़ाक
आधुनिक भारत में महिलाओं की भूमिका : परिवर्तन, उपलब्धियाँ और चुनौतियाँ
बाबू जगदेव प्रसाद की राजनीति: भाषा, प्रतीक और मुद्दे
शिवम् अवस्थी की कविताएँ और ग़ज़ल
दुश्मनी से परे जन की बात: पाकिस्तानी जनांदोलन की किताब
स्त्रीत्व, देहबोध और आत्मानुभूति : सामाजिक निषेध से आध्यात्मिक स्वायत्तता तक
महिलाओं को संसद में होना ही चाहिए : वेंकैया नायडू
“आम औरत की दैहिक या मानसिक यातना के लिए दहकते सवाल“
स्त्रीकाल (अक्टूबर-दिसंबर) पढ़ें नॉटनल पर
स्त्रीकाल द्विमासिक ई जर्नल (शोध), अंक 26 (अक्टूबर -नवंबर, 2017)
‘दलित’ शब्द दलित पैंथर आंदोलन के इतिहास से जुड़ा है: रामदास आठवले
बाबा साहेब डा. अम्बेडकर की पत्नी (माई साहेब) को बदनाम किया नेताओं ने:रामदास आठवले
‘द सेकंड सोच’: कटी हुई जुबानों के बीच सच का परचम