खबरें

साहित्य

कला-संस्कृति

‘कामायनी’ और ‘उर्वशी’ : आधुनिक मनुष्य की त्रासदी और मुक्ति-चेतना का आख्यान 

आधुनिक युग को सामान्यतः प्रगति और विकास का युग कहा जाता है। आधुनिक मनुष्य की त्रासदी को समझने के लिए पहले यह स्पष्ट करना...

स्वास्थ्य

‘कामायनी’ और ‘उर्वशी’ : आधुनिक मनुष्य की त्रासदी और मुक्ति-चेतना का आख्यान 

आधुनिक युग को सामान्यतः प्रगति और विकास का युग कहा जाता है। आधुनिक मनुष्य की त्रासदी को समझने के लिए पहले यह स्पष्ट करना...
ISSN 2394-093X
418FansLike
783FollowersFollow
73,600SubscribersSubscribe

पढ़ी जा रही हैं

समसामयिकी

‘कामायनी’ और ‘उर्वशी’ : आधुनिक मनुष्य की त्रासदी और मुक्ति-चेतना का आख्यान 

आधुनिक युग को सामान्यतः प्रगति और विकास का युग कहा जाता है। आधुनिक मनुष्य की त्रासदी को समझने के लिए पहले यह स्पष्ट करना...

बापू टावर में सवर्ण वर्चस्व का नंगा नाच

पिछले दिनों पटना के बापू टावर सभागार में बिहार के पूर्व मुख्य सचिव एवं वर्तमान सूचना आयुक्त त्रिपुरारि शरण की पुस्तक के लोकार्पण के...

लोक से विश्व तक गूंजती छत्तीसगढ़ की धड़कन अब खामोश: तीजन बाई

डॉ. तीजन बाई छत्तीसगढ़ की एक विश्व प्रसिद्ध पंडवानी लोक गायिका थीं, जिन्होंने इस पारंपरिक कला को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नई और विशिष्ट...

       रीतिकालीन कविता और स्त्री यौनिकता विमर्श

            हिंदी साहित्य का उत्तर मध्यकाल ही रीतिकाल के नाम से जाना जाता है‌। मुगल साम्राज्य की जड़ें जमने के बाद एक व्यवस्थित दरबारी...

हँसना है तो थोड़ा रो लें: मैं वापस आऊंगा’

करुणा से भीगा प्रेम : फ़िल्म समीक्षा के बहाने फ़िल्म क्यों देखें उसके पहले “मैं वापस आऊंगा” पर सबसे पहली प्रतिक्रिया, ...

बड़ी ख़बरें

‘कामायनी’ और ‘उर्वशी’ : आधुनिक मनुष्य की त्रासदी और मुक्ति-चेतना का आख्यान 

आधुनिक युग को सामान्यतः प्रगति और विकास का युग कहा जाता है। आधुनिक मनुष्य की त्रासदी को समझने के लिए पहले यह स्पष्ट करना...

Latest Articles

लोकप्रिय