दोहरी सियासत का शिकार फ़िलिस्तीन
“श्वेत पर्दे पर श्याम और उनकी ‘सुसमन ’ (The Essence)
पोस्ट ट्रुथ के दौर में युवाओं (जेन Z) के आंदोलन : कुछ सवाल, कुछ जवाब
सतीश सरदाना का कहानी-संग्रह ‘चोखा दाम’ मनुष्य, बाज़ार और स्मृति
नाच एक संवेदनशील उपन्यास
‘रजत रानी मीनू’ की कविताओं में स्त्री’
‘रजत रानी मीनू’ की कविताओं में स्त्री – रुपक कुमार
“धरती भर आकाश” में स्त्री शिक्षा और आर्थिक स्वतंत्रता का प्रतिरोध
जगजीवन राम और उनका नेतृत्व पुस्तक सामाजिक संस्कारों में विन्यस्त करने को प्रेरित करती है
‘स्त्री स्वास्थ्य और जेंडर : प्रसूति रोग से परे
‘कुतों के रूपक’ में इंसानियत का प्रतिबिम्ब
दलित कहानियों में संवेदनात्मक पक्ष, परिवर्तन और दिशा
‘प्रगतिशील सिनेमा’ प्रेमचंद का अधूरा सपना