रीतिकालीन कविता और स्त्री यौनिकता विमर्श
हँसना है तो थोड़ा रो लें: मैं वापस आऊंगा’
“भक्तिकालीन हिंदी साहित्य में स्त्री-अस्मिता कीअभिव्यक्ति : एक आलोचनात्मक अध्ययन”
सूखा नशा
‘रजत रानी मीनू’ की कविताओं में स्त्री – रुपक कुमार
“धरती भर आकाश” में स्त्री शिक्षा और आर्थिक स्वतंत्रता का प्रतिरोध
जगजीवन राम और उनका नेतृत्व पुस्तक सामाजिक संस्कारों में विन्यस्त करने को प्रेरित करती है
‘स्त्री स्वास्थ्य और जेंडर : प्रसूति रोग से परे
‘कुतों के रूपक’ में इंसानियत का प्रतिबिम्ब
दलित कहानियों में संवेदनात्मक पक्ष, परिवर्तन और दिशा
राजेन्द्र सजल: एक कहानी सजग कहानीकार
मदर इंडिया: एक संघर्षरत भारतीय स्त्री की अमर कथा
नाच एक संवेदनशील उपन्यास