‘रजत रानी मीनू’ की कविताओं में स्त्री – रुपक कुमार
नीतिशा खलखो की कविताएं
‘गूज बम्प्स’
बेटी दिवस पर विशेष : संजना तिवारी की कविताएं
क्या एक मिथ (फातिमा शेख) के बरक्स सच कहना साम्प्रदायिकता है ?
गिद्ध संस्कृति के विरुद्ध गौरैया की गुहार
दलित स्त्रीवादी इतिहास का उत्सव : पुणे की शैलजा पाइक अमेरिकी मैक आर्थर की ‘जीनियस’ बनीं
परहिया समुदाय में महिलाओं की स्थिति
दलित कहानियों में संवेदनात्मक पक्ष, परिवर्तन और दिशा
महिलाओं और अन्य आदिवसियों पर मणिपुर में हिंसा के खिलाफ स्त्रीवादियों का प्रस्ताव
मणिपुर में बलात्कार एक सुनियोजित नरसंहार का हिस्सा है।
पश्चिम बनाम पूरब, यूरोप बनाम भारत, अंग्रेज़ी बनाम हिंदी, राजनीति बनाम संस्कृति, वर्ग बनाम अस्मिता – नए विमर्शों का समायोजन
“मैं अभागा सुअर हूं”