रीतिकालीन कविता और स्त्री यौनिकता विमर्श
हँसना है तो थोड़ा रो लें: मैं वापस आऊंगा’
“भक्तिकालीन हिंदी साहित्य में स्त्री-अस्मिता कीअभिव्यक्ति : एक आलोचनात्मक अध्ययन”
सूखा नशा
प्रत्यक्ष प्रमाण से आगे और सूक्ष्म संवेदना की कविताएं : अभी मैंने देखा
ये किताबें शर्तिया नुस्खा हैं लड़कों/ मर्दों के बदलने के
विष्णु जी, ब्राहमणवाद से हमारी लड़ाई जारी रहेगी !
स्त्री मुक्ति के प्रश्न
और शहर का किताब हो जाना इश्क़ में…
आपहुदरी का लोकार्पण
‘दलित साहित्य : एक अन्तर्यात्रा’
अथ (साहित्य: पाठ और प्रसंग)
नाच एक संवेदनशील उपन्यास