फ़िलिस्तीन : एक नया कर्बला – नासिरा शर्मा
पूर्ण लोकतंत्र की स्थापना : एक किताब,एक पहल
बच्चों की क़त्लगाह ग़ाज़ा पट्टी
‘रजत रानी मीनू’ की कविताओं में स्त्री – रुपक कुमार
“धरती भर आकाश” में स्त्री शिक्षा और आर्थिक स्वतंत्रता का प्रतिरोध
दलित कहानियों में संवेदनात्मक पक्ष, परिवर्तन और दिशा
हां मुझे फर्क पड़ता है…
मनोसांकृतिक संरचना एवं हिंसा का अंतरसंबंध : हेजेमोनी और दलित स्त्री
स्त्रीकाल शोध जर्नल (32)
स्त्रीकाल शोध जर्नल अंक (31)
ललदेद के वाखों में आत्मानुभूति, देह और ज्ञान की लोकमीमांसा : कश्मीरी शैव दर्शन, स्त्री-अनुभव और सांस्कृतिक चेतना का सैद्धांतिक पुनर्पाठ
दोहरी सियासत का शिकार फ़िलिस्तीन