शिवम् अवस्थी की कविताएँ और ग़ज़ल
‘द सेकंड सोच’: कटी हुई जुबानों के बीच सच का परचम
फ़िलिस्तीन : एक नया कर्बला – नासिरा शर्मा
लिखने बैठा अभिजीत भट्टाचार्य की कुंठा लिख बैठा सहारनपुर का जोश
दलित पत्रकारिता का जूनून: कठिन डगर की राह पर डॉली कुमार
बाहर और घर, दोनो मोर्चों पर जिसने स्त्रीवादी संघर्ष किया
प्रेम, विवाह और स्त्री
फूलन देवी की ह्त्या के लिए सजायफ्ता है सहारनपुर की घटना का मास्टरमाइंड
साधु का लिंग महिला ने काटा: पितृसत्ता लहू-लुहान
स्त्रीसत्ता, लोकायत दर्शन और क्रान्ति की गति
सेक्स और स्त्री देह के प्रति सहजता और कुंठा के बीच महीन रेखा
पूर्ण लोकतंत्र की स्थापना : एक किताब,एक पहल