नारे, प्रतिरोध और मज़ा-मज़ाक
आधुनिक भारत में महिलाओं की भूमिका : परिवर्तन, उपलब्धियाँ और चुनौतियाँ
बाबू जगदेव प्रसाद की राजनीति: भाषा, प्रतीक और मुद्दे
शिवम् अवस्थी की कविताएँ और ग़ज़ल
समान नागरिक संहिता (UCC) पर स्त्रीवादी संगठनों और व्यक्तियों के सुझाव
टूट रही हैं वर्जनाएं: अनेक रिश्तों में होना आखिरी टैबू
अमृता प्रीतम की पिंजर: पुरुष पात्र रशीद के अनैतिक से नैतिक बनने के प्रयास की यात्रा
छाया कोरेगाँवकर की कविताएं
‘द सेकंड सोच’: कटी हुई जुबानों के बीच सच का परचम