गैंगस्टर माँ का साया और एक आज़ाद बेटी की परवाज़
परायों की गली में नितांत अकेला कुशवाहा सम्राट (चौधरी) !
प्रतीकों की लड़ाई: महिष दसरा, वर्चस्व का इतिहास और सत्ता का मौन
फिल्मों में स्त्री-भूमिका के प्रश्न “भूमिका” फ़िल्म के सन्दर्भ में
लड़की पर तेज़ाब फेकने की धमकी दे रहा है सेना का अफसर, डरी लड़की ने किया फेसबुक पोस्ट, की डिफेन्स सचिव से शिकायत
प्रभा खेतान के साहित्य में स्त्री जीवन का संघर्ष
लिखने बैठा अभिजीत भट्टाचार्य की कुंठा लिख बैठा सहारनपुर का जोश
दलित पत्रकारिता का जूनून: कठिन डगर की राह पर डॉली कुमार
बाहर और घर, दोनो मोर्चों पर जिसने स्त्रीवादी संघर्ष किया
प्रेम, विवाह और स्त्री
साधु का लिंग महिला ने काटा: पितृसत्ता लहू-लुहान
स्त्रीसत्ता, लोकायत दर्शन और क्रान्ति की गति
ऐतिहासिक और अमिट है समाजवाद की वैचारिक धारा वरसी जी स्मृति समारोह में वक्ताओं की राय