आजादी के आंदोलन में आम लोगों की हिस्सेदारी रेखांकित करना: नाटक
आवाज़
‘सोनिया और राजीव’ ‘मेलोनी और मोदी’
सांस्कृतिक राष्ट्रवाद नहीं, लोकतान्त्रिक राष्ट्रवाद को मजबूत करने की जरूरत है: अनिता भारती
स्त्री अस्मिता आंदोलन इतिहास के कुछ पन्ने
थेरी गाथाओं में अभिव्यक्त मुक्तिकामी स्वर
निडरता की ओर छोटी-सी यात्रा
तुम मेरे साथ रहो मेंरे कातिल मेरे दिलदार
नाम जोती था मगर वे ज्वालामुखी थे
विमर्श की ज़रुरत कहाँ
है मुझको जमशेद तेरे जाम से भी काम…..!!
स्त्री-पुरुष अलग-अलग प्रांत नहीं
स्त्री भागीदारी पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी: उपलब्धियों के साथ नई चुनौतियों पर जोर