गैंगस्टर माँ का साया और एक आज़ाद बेटी की परवाज़
परायों की गली में नितांत अकेला कुशवाहा सम्राट (चौधरी) !
प्रतीकों की लड़ाई: महिष दसरा, वर्चस्व का इतिहास और सत्ता का मौन
फिल्मों में स्त्री-भूमिका के प्रश्न “भूमिका” फ़िल्म के सन्दर्भ में
सेक्सिस्ट बयानों और ट्रोलिंग के खिलाफ आगे आये लेखक: जारी किया वक्तव्य
सुनो पुरुष: असुंदर और वेश्यायें भी लेखिका हो सकती हैं, कवि, आलोचक और निर्णायक भी
स्त्री कविता: स्त्री पक्ष और उसके पार (क़िस्त दो)
स्त्री-कविता: स्त्री पक्ष और उसके पार
वासना नाजायज नहीं होती: लिपिस्टिक अंडर बुर्का बनाम बुर्के का सच
सावधान ! यहाँ बुर्के में लिपस्टिक भी है और जन्नत के लिप्स का आनंद लेती उषा की अधेड़ जवानी भी
जेंडर और विज्ञान: एक नारीवादी परिप्रेक्ष्य
लिव-इन- संबंध एवं जातीय संरचना
ऐतिहासिक और अमिट है समाजवाद की वैचारिक धारा वरसी जी स्मृति समारोह में वक्ताओं की राय