शिवम् अवस्थी की कविताएँ और ग़ज़ल
‘द सेकंड सोच’: कटी हुई जुबानों के बीच सच का परचम
फ़िलिस्तीन : एक नया कर्बला – नासिरा शर्मा
बलात्कार को सिर्फ परिचर्चा का विषय नहीं बनायें
और मैं फूलनदेवी से जुड़ गई
मोदी जी, लहू का लगान आपकी लुटिया न डुबो दे !
कांशीराम से मायावती तक: दलित राजनीति और दलित स्त्री-प्रश्न
नैचुरल सेल्फी की मुहीम: सौन्दर्य बाजार को लड़कियों की चुनौती
‘दर्दजा‘: हव्वा को पता होता तो वह बेऔलाद रह जाती
पांच रूपये और पांच मिनट का क्रूर फेयर और लवली व्यापार
महिला पत्रकारों को अपनी सलाहकार समिति में शामिल करेगी बिहार विधानसभा (!)
पूर्ण लोकतंत्र की स्थापना : एक किताब,एक पहल