आजादी के आंदोलन में आम लोगों की हिस्सेदारी रेखांकित करना: नाटक
आवाज़
‘सोनिया और राजीव’ ‘मेलोनी और मोदी’
सांस्कृतिक राष्ट्रवाद नहीं, लोकतान्त्रिक राष्ट्रवाद को मजबूत करने की जरूरत है: अनिता भारती
कांशीराम से मायावती तक: दलित राजनीति और दलित स्त्री-प्रश्न
नैचुरल सेल्फी की मुहीम: सौन्दर्य बाजार को लड़कियों की चुनौती
‘दर्दजा‘: हव्वा को पता होता तो वह बेऔलाद रह जाती
पांच रूपये और पांच मिनट का क्रूर फेयर और लवली व्यापार
महिला पत्रकारों को अपनी सलाहकार समिति में शामिल करेगी बिहार विधानसभा (!)
इतिहास में पहली बार गृहणियों के पारिश्रमिक के हक़ में कोर्ट का फैसला
महिलायें राजनीति में आयें आर्थिक-आत्मनिर्भर बनें
वित्तमंत्री को सेनेटरी पैड भेजने की मुहीम: एसएफआई और कई संगठनों ने देश भर में आयोजित किया कैम्पेन
स्त्री भागीदारी पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी: उपलब्धियों के साथ नई चुनौतियों पर जोर