शिवम् अवस्थी की कविताएँ और ग़ज़ल
‘द सेकंड सोच’: कटी हुई जुबानों के बीच सच का परचम
फ़िलिस्तीन : एक नया कर्बला – नासिरा शर्मा
वेश्यावृत्ति को कानूनी बनाना समस्या का समाधान नहीं : महिला संगठन
वे कुन्तियाँ नहीं गौरव से भरी माँ हैं
अपने ही घर में खतरों से घिरी बेटियां
औरत ’चुप‘ रहे, तभी ’महान‘ है
स्त्री के प्रेम की अभिव्यक्ति – ‘अन्या से अनन्या’
‘डार्क रूम में बंद आदमी’ की निगाह में औरत : आखिरी क़िस्त
‘डार्क रूम में बंद आदमी’ की निगाह में औरत : पहली क़िस्त
मजदूर-वर्ग के दृष्टिकोण से स्त्री-मुक्ति : १५-१६ नवम्बर,२०१४, गाँधी- आश्रम , सेवाग्राम, में दो दिन का कार्यशाला
पूर्ण लोकतंत्र की स्थापना : एक किताब,एक पहल