गैंगस्टर माँ का साया और एक आज़ाद बेटी की परवाज़
परायों की गली में नितांत अकेला कुशवाहा सम्राट (चौधरी) !
प्रतीकों की लड़ाई: महिष दसरा, वर्चस्व का इतिहास और सत्ता का मौन
फिल्मों में स्त्री-भूमिका के प्रश्न “भूमिका” फ़िल्म के सन्दर्भ में
महिला मानवाधिकार बनाम घरेलू हिंसा
अधिकांश दलित परिवारों में मातृसत्ता के अवशेष अभी भी दिखते हैं : अनिता भारती
स्त्री की अपनी जगह
आधुनिक पीढ़ी से मुझे आशा है कि परिवर्तन लाएगी : ममता कालिया
मातृसत्तातमक व्यवस्था स्त्रीवादियों का लक्ष्य नहीं है : संजीव चंदन
मनुष्य – आदिम मनुष्य भी – प्राकृतिक नहीं, सांस्कृतिक प्राणी है : अर्चना वर्मा
प्रेमरिक्त दैहिक सम्बन्ध निस्संदेह अनैतिक होते हैं : कात्यायनी
नरेन्द्र मोदी से नहीं मिलना चाहती है कलावती
ऐतिहासिक और अमिट है समाजवाद की वैचारिक धारा वरसी जी स्मृति समारोह में वक्ताओं की राय