रीतिकालीन कविता और स्त्री यौनिकता विमर्श
हँसना है तो थोड़ा रो लें: मैं वापस आऊंगा’
“भक्तिकालीन हिंदी साहित्य में स्त्री-अस्मिता कीअभिव्यक्ति : एक आलोचनात्मक अध्ययन”
सूखा नशा
होना चाहती हूं मूक इतिहास की बोली: बापू टावर (पटना) में मुखरित हुआ स्त्री स्वर
“धरती भर आकाश” में स्त्री शिक्षा और आर्थिक स्वतंत्रता का प्रतिरोध
स्त्री सुन्दरता के नये पैमाने : आत्ममुग्धता से आत्मकुंठा तक
खालिदा जिया बेगम (1945-2025): अधिकार, विरोधाभास और दक्षिण एशिया की जटिल विरासत
प्रेस क्लब ऑफ इंडिया की पहली महिला अध्यक्ष: संगीता बरुआ पिशरोटी
समाज, संस्कृति और पितृसत्ता से ‘जूली’ का संघर्ष
लड़की और चाँद
सभी शैक्षणिक संस्थानों पर लागू होता है मातृत्व लाभ कानूनः NCW
नाच एक संवेदनशील उपन्यास