दोहरी सियासत का शिकार फ़िलिस्तीन
“श्वेत पर्दे पर श्याम और उनकी ‘सुसमन ’ (The Essence)
पोस्ट ट्रुथ के दौर में युवाओं (जेन Z) के आंदोलन : कुछ सवाल, कुछ जवाब
सतीश सरदाना का कहानी-संग्रह ‘चोखा दाम’ मनुष्य, बाज़ार और स्मृति
लड़की और चाँद
सभी शैक्षणिक संस्थानों पर लागू होता है मातृत्व लाभ कानूनः NCW
पटना में साहित्य अकादमी के आयोजन स्थल पर होगा लेखकों का मार्च: अपील जारी
जनसंस्कृति मंच की अपील : लेखक करें साहित्य अकादमी के कार्यक्रमों का बहिष्कार
नई धारा राइटर्स रेज़िडेंसी प्रकरण—नागरिक समिति की रिपोर्ट, साहित्यिक जगत की जवाबदेही पर उठे सवाल
साहित्य अकादमी यौन उत्पीड़न मामला: हाईकोर्ट ने बर्ख़ास्तगी को बताया ‘बदले की कार्रवाई’, महिला को बहाल करने का आदेश
धड़क 2 :फिल्म समीक्षा
“दलित विमर्श और हिंदी साहित्य: भाषा के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन”
‘प्रगतिशील सिनेमा’ प्रेमचंद का अधूरा सपना