ऐतिहासिक और अमिट है समाजवाद की वैचारिक धारा वरसी जी स्मृति समारोह में वक्ताओं की राय
हिंदू कोड बिल से नारी शक्ति वंदन अधिनियम तक
रिपब्लिकन एकजुटता और युवा शक्ति को साथ लेकर लोकतंत्र को मजबूत करने का संकल्प हो
वंदना वाजपेयी की कहानियाँ : नई संवेदनाओं की कथा-यात्रा
‘मर्द’ तैयार करती सोच की पहली सीख : उलटबांसियां: उलटी दुनिया की पाठशाला (1998)
पूरन सिंह की कवितायें
स्पीड ब्रेकर / कहानी
स्वप्न भी एक शुरुआत है
कुमार मुकुल की दो कवितायें
दलित आलोचना अपनी आलोचना बर्दाश्त नहीं करती : प्रोफ . मैनेजर पाण्डेय
चालीस साल की स्त्री : कवितायें और विमर्श
हाशिये का हर्फ या वर्चस्ववादी विमर्श !
नारे, प्रतिरोध और मज़ा-मज़ाक