फ़िलिस्तीन : एक नया कर्बला – नासिरा शर्मा
पूर्ण लोकतंत्र की स्थापना : एक किताब,एक पहल
बच्चों की क़त्लगाह ग़ाज़ा पट्टी
बदलते समय की कवितायें
अरुण चंद्र राय की कवितायें
सुजाता तेवतिया की कवितायें : अगर नहीं होती गुफा मैं और
मनुस्मृति दहन के आधार : डा आम्बेडकर
रवींद्र के दास की कवितायें : माँ ! पापा भी मर्द ही हैं न !
इला कुमार की कवितायें
मारे गये बच्चों की याद में हेम्ंत जोशी , राजेश जोशी और उदय प्रकाश की कवितायें पढ़ें
वसीम अकरम की कवितायें : आलू प्याज की बोरियां हैं लडकियां
दोहरी सियासत का शिकार फ़िलिस्तीन