लोक से विश्व तक गूंजती छत्तीसगढ़ की धड़कन अब खामोश: तीजन बाई
रीतिकालीन कविता और स्त्री यौनिकता विमर्श
हँसना है तो थोड़ा रो लें: मैं वापस आऊंगा’
“भक्तिकालीन हिंदी साहित्य में स्त्री-अस्मिता कीअभिव्यक्ति : एक आलोचनात्मक अध्ययन”
सावित्री बाई फुले की कवितायें
बदलते समय की कवितायें
अरुण चंद्र राय की कवितायें
सुजाता तेवतिया की कवितायें : अगर नहीं होती गुफा मैं और
मनुस्मृति दहन के आधार : डा आम्बेडकर
रवींद्र के दास की कवितायें : माँ ! पापा भी मर्द ही हैं न !
इला कुमार की कवितायें
मारे गये बच्चों की याद में हेम्ंत जोशी , राजेश जोशी और उदय प्रकाश की कवितायें पढ़ें
सूखा नशा