फ़िलिस्तीन : एक नया कर्बला – नासिरा शर्मा
पूर्ण लोकतंत्र की स्थापना : एक किताब,एक पहल
बच्चों की क़त्लगाह ग़ाज़ा पट्टी
जातिवादी जड़ताओं के बरक्स एक प्रेम कहानी : पीली छतरी वाली लडकी
स्त्री का समाज और समाज में स्त्री‘अकेली’
‘मध्यरात्रि के बीच’ और अन्य कविताएं ( कवयित्री इला कुमार)
तो देख्यो है घूंघट पट खोल- मीराबाई : हिन्दी की पहली स्त्रीवादी : आख़िरी क़िस्त
कोठागोई : किस्सों का अपना चुनाव
‘तेरा कोई नहीं रोकणहारा, मगन होय मीरा चली’-मीराबाई : हिंदी की पहली स्त्रीवादी : तीसरी क़िस्त
माई मैं तो लियो है सांवरिया मोल’ — मीराबाई : हिंदी की पहली स्त्रीवादी : दूसरी क़िस्त
‘बरजी मैं काही की नाहिं रहूं’ — मीराबाई : हिंदी की पहली स्त्रीवादी : पहली क़िस्त
दोहरी सियासत का शिकार फ़िलिस्तीन