ऐतिहासिक और अमिट है समाजवाद की वैचारिक धारा वरसी जी स्मृति समारोह में वक्ताओं की राय
हिंदू कोड बिल से नारी शक्ति वंदन अधिनियम तक
रिपब्लिकन एकजुटता और युवा शक्ति को साथ लेकर लोकतंत्र को मजबूत करने का संकल्प हो
वंदना वाजपेयी की कहानियाँ : नई संवेदनाओं की कथा-यात्रा
महिला अधिकार के क्षेत्र में पंडिता रमाबाई स्त्रीकाल सम्मान
अंजना वर्मा की कविताएँ
पितृसत्तात्मक दृष्टिकोण और स्त्री की आजादी विशेष संदर्भ-मैत्रेयी की कहानी “पगला गयी है भागवती”
स्वर्णलता ठन्ना की कविताएँ
वो निशान जो लाल-नीले नहीं होते
पितृसत्तात्मक दृष्टिकोण और जैनेन्द्र (विशेष सन्दर्भ-‘पत्नी’ कहानी)
कोने से कमरे तक: चार पीढ़ियों की अन्तर्यात्रा
रंजनाशरण की कविताएँ
नारे, प्रतिरोध और मज़ा-मज़ाक