लोक से विश्व तक गूंजती छत्तीसगढ़ की धड़कन अब खामोश: तीजन बाई
रीतिकालीन कविता और स्त्री यौनिकता विमर्श
हँसना है तो थोड़ा रो लें: मैं वापस आऊंगा’
“भक्तिकालीन हिंदी साहित्य में स्त्री-अस्मिता कीअभिव्यक्ति : एक आलोचनात्मक अध्ययन”
वो निशान जो लाल-नीले नहीं होते
पितृसत्तात्मक दृष्टिकोण और जैनेन्द्र (विशेष सन्दर्भ-‘पत्नी’ कहानी)
कोने से कमरे तक: चार पीढ़ियों की अन्तर्यात्रा
रंजनाशरण की कविताएँ
महात्मा जोतीबा फुले का ब्राह्मणवाद से संघर्ष
मेरा कोना / मेरा कमरा
आरती रानी प्रजापति की कवितायें
प्रेमा झा की कवितायें
सूखा नशा