फ़िलिस्तीन : एक नया कर्बला – नासिरा शर्मा
पूर्ण लोकतंत्र की स्थापना : एक किताब,एक पहल
बच्चों की क़त्लगाह ग़ाज़ा पट्टी
उस देश में और अन्य कविताएं
शैलजा की कविताएं
बोलिए न पापा कुछ तो बोलिए
दो चोटी वाली लड़की और अन्य कविताएं
सुनो आवारा लड़कियों और अन्य कविताएं
महिलाओं , महान बनने के सपने देखो: डा.आंबेडकर
देह दोहन का अधिकार! उर्फ ‘दास्ताने लापता’ : ( दूसरी क़िस्त कालाजल )
स्त्री के सम्मान में पढ़ा गया फातिहा:‘काला जल’ (पहली क़िस्त)
दोहरी सियासत का शिकार फ़िलिस्तीन