लोक से विश्व तक गूंजती छत्तीसगढ़ की धड़कन अब खामोश: तीजन बाई
रीतिकालीन कविता और स्त्री यौनिकता विमर्श
हँसना है तो थोड़ा रो लें: मैं वापस आऊंगा’
“भक्तिकालीन हिंदी साहित्य में स्त्री-अस्मिता कीअभिव्यक्ति : एक आलोचनात्मक अध्ययन”
पूनम सिंह की कविताएँ
औरतें- ( स्पैनिश कहानियां )
प्रत्यक्ष प्रमाण से आगे और सूक्ष्म संवेदना की कविताएं : अभी मैंने देखा
रुचि भल्ला की कविताएं
पुस्तक मेले की 'मानुषी' से गायब गैरद्विज स्त्री
बालेंदुशेखर मंगलमूर्ति की कविताएं
बच्चन के पत्रों के बहाने उनकी स्त्रियों की याद
.वो हरी घास की चादर
सूखा नशा