फ़िलिस्तीन : एक नया कर्बला – नासिरा शर्मा
पूर्ण लोकतंत्र की स्थापना : एक किताब,एक पहल
बच्चों की क़त्लगाह ग़ाज़ा पट्टी
“रूह कंपाने वाली यात्रा–डायरी”
एक थी रमता और अन्य कविताएँ
सरस्वती और अन्य कविताएँ
हिन्दी कविता में मुक्तिबोध के पूर्वज थे जयशंकर प्रसाद – प्रो.मैनेजर पाण्डेय
“आम औरत की दैहिक या मानसिक यातना के लिए दहकते सवाल“
इतिहास से अदृश्य स्त्रियाँ
अंजुमन खाला को गुस्सा क्यों नहीं आता…
कोई अपना और अन्य कविताएँ
दोहरी सियासत का शिकार फ़िलिस्तीन