ऐतिहासिक और अमिट है समाजवाद की वैचारिक धारा वरसी जी स्मृति समारोह में वक्ताओं की राय
हिंदू कोड बिल से नारी शक्ति वंदन अधिनियम तक
रिपब्लिकन एकजुटता और युवा शक्ति को साथ लेकर लोकतंत्र को मजबूत करने का संकल्प हो
वंदना वाजपेयी की कहानियाँ : नई संवेदनाओं की कथा-यात्रा
प्रेम के भीतर देह ने केंद्रीय विमर्श खड़ा किया है: अनामिका
भारतीय उपमहाद्वीप का स्त्री लेखन: स्त्री सशक्तीकरण की अनुगूंजें(अंतिम किस्त)
भारतीय उपमहाद्वीप का स्त्री लेखन: स्त्री सशक्तीकरण की अनुगूंजें(दूसरी किस्त)
भारतीय उपमहाद्वीप का स्त्री लेखन: स्त्री सशक्तीकरण की अनुगूंजें
वेश्यावृत्ति का समुदायिकरण और उसका परंपरा बनना
“रूह कंपाने वाली यात्रा–डायरी”
हिन्दी कविता में मुक्तिबोध के पूर्वज थे जयशंकर प्रसाद – प्रो.मैनेजर पाण्डेय
एक थी रमता और अन्य कविताएँ
नारे, प्रतिरोध और मज़ा-मज़ाक