लोक से विश्व तक गूंजती छत्तीसगढ़ की धड़कन अब खामोश: तीजन बाई
रीतिकालीन कविता और स्त्री यौनिकता विमर्श
हँसना है तो थोड़ा रो लें: मैं वापस आऊंगा’
“भक्तिकालीन हिंदी साहित्य में स्त्री-अस्मिता कीअभिव्यक्ति : एक आलोचनात्मक अध्ययन”
इलायची
समकालीन ग़ज़ल में मुखर होता महिला रचनाकारों का स्वर
डॉ. अंबेडकर का स्त्रीवाद (एक विश्लेषणात्मक पुनरावलोकन )
स्त्री की चेतना और संसार का कहानी संग्रह है शरद सिंह की किताब ’तीली-तीली आग’
प्रसाद काव्य-कोश
‘छोटके चोर’
अरविंद जैन की कहानी कार्बन-कॉपी
अकेली अकेली और अन्य कविताएँ..
सूखा नशा