दोहरी सियासत का शिकार फ़िलिस्तीन
“श्वेत पर्दे पर श्याम और उनकी ‘सुसमन ’ (The Essence)
पोस्ट ट्रुथ के दौर में युवाओं (जेन Z) के आंदोलन : कुछ सवाल, कुछ जवाब
सतीश सरदाना का कहानी-संग्रह ‘चोखा दाम’ मनुष्य, बाज़ार और स्मृति
स्त्रीकाल का नया अंक ऑनलाइन पढ़ें या घर मँगवायें
अम्बेडकर की प्रासंगिकता के समकालीन बयान
स्त्रीकाल शोध जर्नल अंक (31)
ललदेद के वाखों में आत्मानुभूति, देह और ज्ञान की लोकमीमांसा : कश्मीरी शैव दर्शन, स्त्री-अनुभव और सांस्कृतिक चेतना का सैद्धांतिक पुनर्पाठ
स्त्रीकाल शोध पत्रिका अंक (30)
स्त्रीकाल शोध पत्रिका अंक (28-29)
सामाजिक क्रांति के लिए आवश्यक सावित्रीबाई फुले के महत्वपूर्ण दस्तावेज
जहां ईश्वर है और अन्य कविताएं (वीरू सोनकर)
‘प्रगतिशील सिनेमा’ प्रेमचंद का अधूरा सपना