नारे, प्रतिरोध और मज़ा-मज़ाक
आधुनिक भारत में महिलाओं की भूमिका : परिवर्तन, उपलब्धियाँ और चुनौतियाँ
बाबू जगदेव प्रसाद की राजनीति: भाषा, प्रतीक और मुद्दे
शिवम् अवस्थी की कविताएँ और ग़ज़ल
‘कुतों के रूपक’ में इंसानियत का प्रतिबिम्ब
दलित कहानियों में संवेदनात्मक पक्ष, परिवर्तन और दिशा
राजेन्द्र सजल: एक कहानी सजग कहानीकार
मदर इंडिया: एक संघर्षरत भारतीय स्त्री की अमर कथा
हां मुझे फर्क पड़ता है…
मनोसांकृतिक संरचना एवं हिंसा का अंतरसंबंध : हेजेमोनी और दलित स्त्री
जनाबाई के काव्य में स्त्री की आध्यात्मिक चेतना : श्रम और भक्ति के अंतःसंबंधों का आलोचनात्मक अध्ययन_ मेधा
कुछ अल्पविराम
‘द सेकंड सोच’: कटी हुई जुबानों के बीच सच का परचम