शिवम् अवस्थी की कविताएँ और ग़ज़ल
‘द सेकंड सोच’: कटी हुई जुबानों के बीच सच का परचम
फ़िलिस्तीन : एक नया कर्बला – नासिरा शर्मा
औरत , विज्ञापन और बाजार
अपने ही पराभव का जश्न मनाती है स्त्रियाँ ! ( दुर्गा पूजा का पुनर्पाठ )
त्योहारों के बहुजन सन्दर्भ
रक्तरंजित कहानी महिला प्रतिनिधित्व की
बहन के नाम राजनीतिक पत्र
प्यार पर न चढाओ हैवानियत की चादर
भिखारी की विरासत की गायिका
‘‘अनाघ्रातम पुष्पम, असूर्यंपश्या से रमणेषु रम्भा तक’’
पूर्ण लोकतंत्र की स्थापना : एक किताब,एक पहल