आजादी के आंदोलन में आम लोगों की हिस्सेदारी रेखांकित करना: नाटक
आवाज़
‘सोनिया और राजीव’ ‘मेलोनी और मोदी’
सांस्कृतिक राष्ट्रवाद नहीं, लोकतान्त्रिक राष्ट्रवाद को मजबूत करने की जरूरत है: अनिता भारती
संवेदनशील नेतृत्वगुण : यही मेरा सत्व और स्वत्व
इतिहास के आईने में महिला आंदोलन
हिंदी भाषा में स्त्री-विमर्श
निराला की कविता में स्त्री मुक्ति का स्वर
मै ही हूँ मैला आंचल में डाक्टर ममता: लतिका
किसलय पंचोली की कविताएं
रीतिकाल में स्त्रीं-यौनिकता का सवाल उर्फ देह अपनी बाकी उनका
प्यार में टूटी सीमोन का खत प्रेमी के नाम
स्त्री भागीदारी पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी: उपलब्धियों के साथ नई चुनौतियों पर जोर