शिवम् अवस्थी की कविताएँ और ग़ज़ल
‘द सेकंड सोच’: कटी हुई जुबानों के बीच सच का परचम
फ़िलिस्तीन : एक नया कर्बला – नासिरा शर्मा
वक्रता का वाग्वैदग्ध्य : नागार्जुन की स्त्री केन्द्रित कवितायें
मेरा क़ातिल ही मेरा मुंसिफ़ है
दलित महिला उद्यमिता को संगठित कर रही हैं सागरिका
मिथक और स्त्री आंदोलन का अगला चरण
बुलंद इरादे और युवा सोच के साथ
मैं भी हो सकती थी उस दिन यौन हमले की शिकार
यौन हमलावारों से सख्ती से निपटें पीड़िताएं, तभी रुकेंगी बैंगलोर जैसी घटनाएं
दलित महिलाओं के संघर्ष की मशाल: मंजुला प्रदीप
पूर्ण लोकतंत्र की स्थापना : एक किताब,एक पहल