गैंगस्टर माँ का साया और एक आज़ाद बेटी की परवाज़
परायों की गली में नितांत अकेला कुशवाहा सम्राट (चौधरी) !
प्रतीकों की लड़ाई: महिष दसरा, वर्चस्व का इतिहास और सत्ता का मौन
फिल्मों में स्त्री-भूमिका के प्रश्न “भूमिका” फ़िल्म के सन्दर्भ में
बिना इजाज़त अन्दर आना मना है
उन्नीसवें भारत रंग महोत्सव में स्त्रियों की भागीदारी
हिंदी साहित्य से झाँकतीं आदिवासी स्त्रियाँ
नागार्जुन के उपन्यासों में स्त्री
हिंदी साहित्य में आदिवासी स्त्री का सवाल
मिस यूनिवर्स बनेगी डा.अंबेडकर को आदर्श मानने वाली रोशमिता
नीतीश जी,आपकी पुलिस बलात्कारी को बचा रही है.
मिर्चपुर के दलित आज भी कर रहे एक अदना सा घर का इन्तजार
ऐतिहासिक और अमिट है समाजवाद की वैचारिक धारा वरसी जी स्मृति समारोह में वक्ताओं की राय