गैंगस्टर माँ का साया और एक आज़ाद बेटी की परवाज़
परायों की गली में नितांत अकेला कुशवाहा सम्राट (चौधरी) !
प्रतीकों की लड़ाई: महिष दसरा, वर्चस्व का इतिहास और सत्ता का मौन
फिल्मों में स्त्री-भूमिका के प्रश्न “भूमिका” फ़िल्म के सन्दर्भ में
आपहुदरी : रमणिका गुप्ता की आत्मकथा : तीसरी किस्त
पश्चिम उत्तर प्रदेश : स्त्री की नियति
आपहुदरी : रमणिका गुप्ता की आत्मकथा : दूसरी किस्त
दलित स्त्रीवाद जैसी कोई अवधारणा नहीं है : तेजसिंह
आपहुदरी : रमणिका गुप्ता की आत्मकथा -पहली किस्त
हरियाणा की मनीपुरी बहुएं
थेरीगाथा , बौद्ध धर्म और स्त्रियाँ
विमर्श से परे: स्त्री और पुरुष-आख़िरी क़िस्त
ऐतिहासिक और अमिट है समाजवाद की वैचारिक धारा वरसी जी स्मृति समारोह में वक्ताओं की राय