आजादी के आंदोलन में आम लोगों की हिस्सेदारी रेखांकित करना: नाटक
आवाज़
‘सोनिया और राजीव’ ‘मेलोनी और मोदी’
सांस्कृतिक राष्ट्रवाद नहीं, लोकतान्त्रिक राष्ट्रवाद को मजबूत करने की जरूरत है: अनिता भारती
पितृसत्तात्मक समाज का शिकार पुरुष तथा स्त्रीवादी मुक्ति अभियान
डॉ. अम्बेडकर का मूल चिंतन है स्त्री चिंतन
न्यायपालिका में मौजूद जातिवादी मानसिकता – अरविंद जैन
डा0 अम्बेडकर और स्त्री अधिकार – सुजाता पारमिता
दलित स्त्री आंदोलन तथा साहित्य- अस्मितावाद से आगे
सावित्रीबाई फुले : शैक्षिक –सामाजिक क्रान्ति की अगुआ
समकालीन नारीवाद और दलित स्त्री का प्रश्न
स्त्रीवाद के भीतर दलित स्त्रीवाद
स्त्री भागीदारी पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी: उपलब्धियों के साथ नई चुनौतियों पर जोर