गद्य काव्य रचना त्रयी
फूलमती का वसंत ऋतु
‘कामायनी’ और ‘उर्वशी’ : आधुनिक मनुष्य की त्रासदी और मुक्ति-चेतना का आख्यान
बापू टावर में सवर्ण वर्चस्व का नंगा नाच
ग्रामीण महिलाओं के श्रम का राजनीतिक अर्थशास्त्र
केरल हरियाणा नहीं है, एर्नाकुलम दिल्ली नहीं , और जिशा ……
अपनी -अपनी वेश्यायें : सन्दर्भ : जे एन यू सेक्स रैकेट
“पुलिस ने धोखे से बनाया वीडियो”
धर्मराष्ट्रवाद और राजनीति-खतरनाक गठजोड़ की नयी परंपरा
भारत माता जार-बेजार रो रही है
ऐ साधारण लड़की ! क्यों चुनी तुमने मौत !!
विष्णु जी, ब्राहमणवाद से हमारी लड़ाई जारी रहेगी !
लोक से विश्व तक गूंजती छत्तीसगढ़ की धड़कन अब खामोश: तीजन बाई