‘शतरंज’ की बिसात पर सोशल मीडिया ‘के खिलाड़ी’
स्वर की बहुरंगी विरासत और स्त्री-अभिव्यक्ति की स्वतंत्र आवाज़
एनडीए के राज में सुरक्षित नहीं हैं महिलाएं
‘रजत रानी मीनू’ की कविताओं में स्त्री – रुपक कुमार
असहिष्णुता/ क्रूरता के खिलाफ एक आयोजन
राजनीति की स्त्रीविरोधी वर्णमाला
सुनपेड़ हत्या कांड : तथ्य और प्रतिबद्धता
हमारी पार्टी गरीबों की पार्टी है : दीपंकर भट्टाचार्य
औरत , विज्ञापन और बाजार
अपने ही पराभव का जश्न मनाती है स्त्रियाँ ! ( दुर्गा पूजा का पुनर्पाठ )
त्योहारों के बहुजन सन्दर्भ
नीतिशा खलखो की कविताएं