गद्य काव्य रचना त्रयी
फूलमती का वसंत ऋतु
‘कामायनी’ और ‘उर्वशी’ : आधुनिक मनुष्य की त्रासदी और मुक्ति-चेतना का आख्यान
बापू टावर में सवर्ण वर्चस्व का नंगा नाच
होली : एक मिथकीय अध्धयन
‘‘….एण्ड सन्स’’ का कपटतंत्र और एक चिरविस्थापित: वैश्वीकृत भारत में स्त्री के सम्पदा अधिकार ( पहली क़िस्त)
महिला आरक्षण विधेयक को पारित करो [अपील पर हस्ताक्षर करें ]
12वीं लोकसभा में महिला आरक्षण पर बहस ( 8 मार्च )
महिलाओं दलितों के खिलाफ है इनका राष्ट्रवाद : अपराजिता राजा
बहुजन सांस्कृतिक आगाज : महिषासुर शहादत दिवस
स्मृति इरानी जी, हमारी दुर्गा आप ही हो !
कंडोम- राष्ट्रवाद, जे एन यू और गार्गी का मस्तक
लोक से विश्व तक गूंजती छत्तीसगढ़ की धड़कन अब खामोश: तीजन बाई