गद्य काव्य रचना त्रयी
फूलमती का वसंत ऋतु
‘कामायनी’ और ‘उर्वशी’ : आधुनिक मनुष्य की त्रासदी और मुक्ति-चेतना का आख्यान
बापू टावर में सवर्ण वर्चस्व का नंगा नाच
मीसा भारती: महिलाओं को अधिकार दिये बिना सामाजिक न्याय अधूरा
पाकिस्तानी इस्लाम ने ली कंदील की जान
महिला आरक्षण को लेकर संसद में बहस :पहली क़िस्त
एक दूसरे के खिलाफ लड़ाई जा रही अस्मिताएं
बलात्कार पर नजरिया और सलमान खान
इक्कीसवीं सदी का कचरा यानी टिक टिक करता टाइम बम
तो हत्यारे जीत जायेंगे….!
शराबबंदी , महिला मतदाता और नीतीश कुमार
लोक से विश्व तक गूंजती छत्तीसगढ़ की धड़कन अब खामोश: तीजन बाई