लोक से विश्व तक गूंजती छत्तीसगढ़ की धड़कन अब खामोश: तीजन बाई
रीतिकालीन कविता और स्त्री यौनिकता विमर्श
हँसना है तो थोड़ा रो लें: मैं वापस आऊंगा’
“भक्तिकालीन हिंदी साहित्य में स्त्री-अस्मिता कीअभिव्यक्ति : एक आलोचनात्मक अध्ययन”
गिरह
कुछ अल्पविराम
ट्रोजन की औरतें’ एवं ‘स्त्री विलाप पर्व
‘कागज पर लगाए गए पेड़’ सी जीवंत कविताएँ
अपराधी हूँ मैं और अन्य कविताएँ
भवसागर के उस पार मिलना पियारे हरिचंद ज्यू
ग्राम्य जीवन का दस्तावेज़ :चिरकुट दास चिन्गारी
नोबेल पुरस्कार जीतने वाली पहली अफ्रीकी-अमेरिकी महिला–टोनी मॉरिसन
सूखा नशा