ऐतिहासिक और अमिट है समाजवाद की वैचारिक धारा वरसी जी स्मृति समारोह में वक्ताओं की राय
हिंदू कोड बिल से नारी शक्ति वंदन अधिनियम तक
रिपब्लिकन एकजुटता और युवा शक्ति को साथ लेकर लोकतंत्र को मजबूत करने का संकल्प हो
वंदना वाजपेयी की कहानियाँ : नई संवेदनाओं की कथा-यात्रा
पश्चिम बनाम पूरब, यूरोप बनाम भारत, अंग्रेज़ी बनाम हिंदी, राजनीति बनाम संस्कृति, वर्ग बनाम अस्मिता – नए विमर्शों का समायोजन
हां मुझे फर्क पड़ता है…
एको एको जिंदगी, खुल के जिवांगें
अमृता प्रीतम की पिंजर: पुरुष पात्र रशीद के अनैतिक से नैतिक बनने के प्रयास की यात्रा
सिक्स पैक सीता
नारी अस्मिता के वृत की त्रिज्याएं , चुनौतियां एवं संभावनाएं
मेरे भीतर की स्त्री
छाया कोरेगाँवकर की कविताएं
नारे, प्रतिरोध और मज़ा-मज़ाक