लोक से विश्व तक गूंजती छत्तीसगढ़ की धड़कन अब खामोश: तीजन बाई
रीतिकालीन कविता और स्त्री यौनिकता विमर्श
हँसना है तो थोड़ा रो लें: मैं वापस आऊंगा’
“भक्तिकालीन हिंदी साहित्य में स्त्री-अस्मिता कीअभिव्यक्ति : एक आलोचनात्मक अध्ययन”
मेरे भीतर की स्त्री
छाया कोरेगाँवकर की कविताएं
भारतीय स्त्री अधिकार : एक ऐतिहासिक यात्रा
नागरिकता, समता और अधिकार के संघर्ष अभी जारी हैं
राजेन्द्र सजल: एक कहानी सजग कहानीकार
एनी अर्नो का काम प्रशंसनीय और उसका स्थायी महत्व
फ्रेंच लेखिका एनी अर्नो (साहित्य की नॉबेल विजेता ) के 15 कथन
मेरी साड़ी वो आशियाना है
सूखा नशा