लोक से विश्व तक गूंजती छत्तीसगढ़ की धड़कन अब खामोश: तीजन बाई
रीतिकालीन कविता और स्त्री यौनिकता विमर्श
हँसना है तो थोड़ा रो लें: मैं वापस आऊंगा’
“भक्तिकालीन हिंदी साहित्य में स्त्री-अस्मिता कीअभिव्यक्ति : एक आलोचनात्मक अध्ययन”
देह के द्वार पर अनादृत स्त्रियां और हिंदी कथा साहित्य: पहली क़िस्त
दो स्वीडिश कवयित्रियों की कवितायें
आलोचना के समानान्तर
प्रतिभा गोटीवाले की कवितायें
उन पत्रकारों के नाम जो मारे गए
हेमलता यादव की कवितायें
भावना की गजलें
हिंदी उपन्यास और थर्ड जेंडर
सूखा नशा