लोक से विश्व तक गूंजती छत्तीसगढ़ की धड़कन अब खामोश: तीजन बाई
रीतिकालीन कविता और स्त्री यौनिकता विमर्श
हँसना है तो थोड़ा रो लें: मैं वापस आऊंगा’
“भक्तिकालीन हिंदी साहित्य में स्त्री-अस्मिता कीअभिव्यक्ति : एक आलोचनात्मक अध्ययन”
पूरन सिंह की लघु कथायें
अथ (साहित्य: पाठ और प्रसंग)
विद्रोह की मशाल है सावित्रीबाई फुले की कविताएं
प्रेमा झा की कविताएँ
निराला की कविता में स्त्री मुक्ति का स्वर
नीलम मैदीरत्ता ‘गुँचा’ की कविताएँ
मै ही हूँ मैला आंचल में डाक्टर ममता: लतिका
उमा झुनझुनवाला की कविताएं
सूखा नशा