फ़िलिस्तीन : एक नया कर्बला – नासिरा शर्मा
पूर्ण लोकतंत्र की स्थापना : एक किताब,एक पहल
बच्चों की क़त्लगाह ग़ाज़ा पट्टी
नताशा की कविताएँ
और शहर का किताब हो जाना इश्क़ में…
अंतर्वेदना के दंश
‘‘अनाघ्रातम पुष्पम, असूर्यंपश्या से रमणेषु रम्भा तक’’
आपहुदरी का लोकार्पण
‘दलित साहित्य : एक अन्तर्यात्रा’
पेंडुलम
पूरन सिंह की लघु कथायें
दोहरी सियासत का शिकार फ़िलिस्तीन