लोक से विश्व तक गूंजती छत्तीसगढ़ की धड़कन अब खामोश: तीजन बाई
रीतिकालीन कविता और स्त्री यौनिकता विमर्श
हँसना है तो थोड़ा रो लें: मैं वापस आऊंगा’
“भक्तिकालीन हिंदी साहित्य में स्त्री-अस्मिता कीअभिव्यक्ति : एक आलोचनात्मक अध्ययन”
प्रत्यूष चन्द्र मिश्रा की कवितायें
क्यों चुनी गई अनिता भारती की किताब ‘समकालीन नारीवाद : दलित स्त्री का प्रतिरोध” ‘सावित्रीबाई फुले वैचारिकी सम्मान’, 2016 के लिए
कश्मीरी सेब
वे ‘हजार चौरासी की मां’ थीं !
स्त्री मुक्ति आंदोलन : कहाँ पहुँचे
जिज्ञासा
ब्रह्मचारी जीवन जीती औरतों के बीच एक दिन
गुनिया की माई
सूखा नशा