फ़िलिस्तीन : एक नया कर्बला – नासिरा शर्मा
पूर्ण लोकतंत्र की स्थापना : एक किताब,एक पहल
बच्चों की क़त्लगाह ग़ाज़ा पट्टी
हाँ, मैं एक स्त्री हूँ
मुझसे पहली सी मुहब्बत मेरे महबूब न मांग
मैं अपनी पीढ़ियों में कायम हूँ, मैं इरोम हूँ
औरतें – क़िस्त दो
शुभम श्री की पुरस्कृत और अन्य कविताएं : स्त्रीकाल व्हाट्सअप ग्रूप की टिप्पणियाँ
दास्तान ए सोती सुंदरी वाया परीदेश की राजकुमारियां
सावित्रीबाई फुले वैच्रारिकी सम्मान के बाद लेखिका अनिता भारती का वक्तव्य
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दोहरी सियासत का शिकार फ़िलिस्तीन