लोक से विश्व तक गूंजती छत्तीसगढ़ की धड़कन अब खामोश: तीजन बाई
रीतिकालीन कविता और स्त्री यौनिकता विमर्श
हँसना है तो थोड़ा रो लें: मैं वापस आऊंगा’
“भक्तिकालीन हिंदी साहित्य में स्त्री-अस्मिता कीअभिव्यक्ति : एक आलोचनात्मक अध्ययन”
शिवमूर्ति की कहानियाँ :स्त्री प्रश्न
दुर्गी छिनार नहीं रही…
वे तीन दलित बेटियां :कर्मशील भारती की कविता
द्रौपदी ! भारतीय सेना बलात्कारी नहीं,राष्ट्रवादी है (?!)
करुणा और प्रेम की रचनाकार उषा किरण खान
देवयानी
जिद्दी लतर-सी इरोम: अनीता मिंज की कविता
बेडटाइम स्टोरीज : ‘ स्वीट ड्रीम्स’: सेक्स पोर्न और इरॉटिका का ‘साहित्य’ बाजार -2
सूखा नशा