लोक से विश्व तक गूंजती छत्तीसगढ़ की धड़कन अब खामोश: तीजन बाई
रीतिकालीन कविता और स्त्री यौनिकता विमर्श
हँसना है तो थोड़ा रो लें: मैं वापस आऊंगा’
“भक्तिकालीन हिंदी साहित्य में स्त्री-अस्मिता कीअभिव्यक्ति : एक आलोचनात्मक अध्ययन”
डॉ0 रामविलास की आलोचना और स्त्री संदर्भ
सांस्कृतिक पिछड़ापन और हाशिये से उभरती कविता
खुदमुख्तार स्त्रियों का कथा -वितान: अन्हियारे तलछट में चमका
स्त्री अस्मिता आंदोलन इतिहास के कुछ पन्ने
जैनेन्द्र की कहानियों में स्त्री-प्रश्न
थेरी गाथाओं में अभिव्यक्त मुक्तिकामी स्वर
तुम मेरे साथ रहो मेंरे कातिल मेरे दिलदार
सावित्री हमारी अगर माई न होती
सूखा नशा