फ़िलिस्तीन : एक नया कर्बला – नासिरा शर्मा
पूर्ण लोकतंत्र की स्थापना : एक किताब,एक पहल
बच्चों की क़त्लगाह ग़ाज़ा पट्टी
गांव की पाठशाला जिसने सबको बांध दिया:जूलिया वेबर गार्डन की डायरी
शालिनी मोहन की कवितायेँ : ‘परिभाषित’ व अन्य
प्रतिभा श्री की कविताएं: वर्णमाला व अन्य
स्त्रीवादी भी.मार्क्सवादी भी करते हैं लिंचिंग: पाखी पत्रिका का बलात्कार प्रकरण
गूगल का डूडल इस्मत चुगताई के नाम
प्रेम का आविष्कार करती औरतें और अन्य कविताएं (रोहित ठाकुर)
समकालीन हिन्दी-उर्दू कथा साहित्य में मुस्लिम स्त्रियाँ: संघर्ष और समाधान
बिहार बंद तस्वीरों में: राकेश रंजन की कविता के साथ
दोहरी सियासत का शिकार फ़िलिस्तीन