ऐतिहासिक और अमिट है समाजवाद की वैचारिक धारा वरसी जी स्मृति समारोह में वक्ताओं की राय
हिंदू कोड बिल से नारी शक्ति वंदन अधिनियम तक
रिपब्लिकन एकजुटता और युवा शक्ति को साथ लेकर लोकतंत्र को मजबूत करने का संकल्प हो
वंदना वाजपेयी की कहानियाँ : नई संवेदनाओं की कथा-यात्रा
वह आत्मीय और दृष्टिसंपन्न संपादक हमें अलविदा कह गयी
महादेवी-काव्य-संध्या का आयोजन:महादेवी वर्मा के गीतों का गायन और समकालीनों का काव्यपाठ
एक विदुषी पतिता की आत्मकथा
समकालीन महिला लेखन को संबोधित संगोष्ठी
नाक की फुरूहुरी: सोनी पांडेय कहानी
‘दीवार में एक खिड़की रहती थी’ उपन्यास में प्रकृति चित्रण
पिंजरे की तीलियों से बाहर आती मैना की कुहुक
राष्ट्रवाद, विश्वविद्यालय और टैंक: संदीप मील की कहानी
नारे, प्रतिरोध और मज़ा-मज़ाक