फ़िलिस्तीन : एक नया कर्बला – नासिरा शर्मा
पूर्ण लोकतंत्र की स्थापना : एक किताब,एक पहल
बच्चों की क़त्लगाह ग़ाज़ा पट्टी
स्त्री यौनिकता से भयभीत हिन्दी आलोचना और ‘उर्वशी’
एक विदुषी पतिता की आत्मकथा: दूसरी क़िस्त
उनकी प्रतिबद्धता हाशिये के लोगों के साथ ताउम्र रही
वह आत्मीय और दृष्टिसंपन्न संपादक हमें अलविदा कह गयी
महादेवी-काव्य-संध्या का आयोजन:महादेवी वर्मा के गीतों का गायन और समकालीनों का काव्यपाठ
एक विदुषी पतिता की आत्मकथा
समकालीन महिला लेखन को संबोधित संगोष्ठी
नाक की फुरूहुरी: सोनी पांडेय कहानी
दोहरी सियासत का शिकार फ़िलिस्तीन