ऐतिहासिक और अमिट है समाजवाद की वैचारिक धारा वरसी जी स्मृति समारोह में वक्ताओं की राय
हिंदू कोड बिल से नारी शक्ति वंदन अधिनियम तक
रिपब्लिकन एकजुटता और युवा शक्ति को साथ लेकर लोकतंत्र को मजबूत करने का संकल्प हो
वंदना वाजपेयी की कहानियाँ : नई संवेदनाओं की कथा-यात्रा
अक्का महादेवी के काव्य में आध्यात्मिक अनुभव और स्त्री-अस्मिता के वैकल्पिक प्रतिमान – मेधा
हव्वा की बेटियों का ख़्वाब है ‘दूसरी जन्नत’/नासिरा शर्मा
आए बड़े पढ़े-लिखे इंसाफ़ज़ादे व अन्य कविताएं (कवयित्री: वीना)
वे सख्त दिल मह्बूब: सफ़र के क़िस्से
कबीर और कनकदास के काव्य में भक्ति और सामाजिक प्रतिरोध – मेधा
औरतें उठी नहीं तो जुल्म बढ़ता जायेगा (भारती वत्स) की कविताएं
भारतेन्दु हरिश्चंद्र की पत्रकारिता और स्त्री-मुक्ति के प्रश्न
‘लिखो इसलिए’ व श्रीदेवी की अन्य कविताएं
नारे, प्रतिरोध और मज़ा-मज़ाक