नारे, प्रतिरोध और मज़ा-मज़ाक
आधुनिक भारत में महिलाओं की भूमिका : परिवर्तन, उपलब्धियाँ और चुनौतियाँ
बाबू जगदेव प्रसाद की राजनीति: भाषा, प्रतीक और मुद्दे
शिवम् अवस्थी की कविताएँ और ग़ज़ल
कब तक नचवाते और तालियाँ बजवाते रहेंगे हम !
किन्नर अब ‘थर्ड जेंडर’ की तरह पहचाने जाएंगे
‘द सेकंड सोच’: कटी हुई जुबानों के बीच सच का परचम