नारे, प्रतिरोध और मज़ा-मज़ाक
आधुनिक भारत में महिलाओं की भूमिका : परिवर्तन, उपलब्धियाँ और चुनौतियाँ
बाबू जगदेव प्रसाद की राजनीति: भाषा, प्रतीक और मुद्दे
शिवम् अवस्थी की कविताएँ और ग़ज़ल
1990 के बाद का हिंदी समाज और अद्विज हिंदी लेखन
खैरलांजी के एक दशक के बाद भी बदस्तूर जारी है शोषण….
सत्ता के उच्च पदों पर जातिवादी और सांप्रदायिक मनोवृति के लोगआसीन हैं: तीस्ता सीतलवाड़
मर्दाना हकों की हिफ़ाजत करता मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड
मेरा शबाब भी लौटा दो मेरे मेहर के साथ
मुख्यमंत्री जी शराबबंदी से महिला उत्पीडन बंद नहीं होता: महिला छात्र नेता का पत्र नीतीश कुमार के नाम
‘राष्ट्रहित और आरक्षण’
कितनी स्त्रीवादी होती हैं विवाहेत्तर संबंधों पर टिप्पणियाँ और सोच (!)
‘द सेकंड सोच’: कटी हुई जुबानों के बीच सच का परचम