शिवम् अवस्थी की कविताएँ और ग़ज़ल
‘द सेकंड सोच’: कटी हुई जुबानों के बीच सच का परचम
फ़िलिस्तीन : एक नया कर्बला – नासिरा शर्मा
सारे दल साथ -साथ फिर भी महिला आरक्षण बिल औंधे मुंह : क़िस्त सात
पेंटिंग में माँ को खोजते फ़िदा हुसेन
आरक्षण के भीतर आरक्षण : क्यों नहीं सुनी गई आवाजें : छठी क़िस्त
बलात्कार-बलात्कार में फर्क होता है साहेब !
महिला संगठनों, आंदोलनों ने महिला आरक्षण बिल को ज़िंदा रखा है : वृंदा कारत: पांचवी क़िस्त
औरतें – क़िस्त दो
वह इतिहास, जो बन न सका : राज्यसभा में महिला आरक्षण : चौथी क़िस्त
शुभम श्री की पुरस्कृत और अन्य कविताएं : स्त्रीकाल व्हाट्सअप ग्रूप की टिप्पणियाँ
पूर्ण लोकतंत्र की स्थापना : एक किताब,एक पहल